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श्री महाभारत
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पर्व 4: विराट पर्व
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अध्याय 32: मत्स्य तथा त्रिगर्तदेशीय सेनाओंका परस्पर युद्ध
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श्लोक 28
श्लोक
4.32.28
ततो राजा सुशर्माणं विव्याध दशभि: शरै:।
पञ्चभि: पञ्चभिश्चास्य विव्याध चतुरो हयान्॥ २८॥
अनुवाद
इस समय राजा विराट ने सुशर्मा को दस बाणों से घायल कर दिया तथा उसके चारों घोड़ों को पाँच-पाँच बाणों से घायल कर दिया।
At this moment King Virata pierced Susarma with ten arrows and injured his four horses with five arrows each.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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