Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.32.12-13h: बातचीत के बीच में ही, कई कटे हुए कुंडलों वाले सिर धूल में लोटने लगे। किसी की नाक बहुत सुंदर थी, परन्तु उसका ऊपरी होंठ कटा हुआ था। कोई आभूषणों से सुसज्जित था, परन्तु उसके बाल काटकर उड़ा दिए गए थे। | mahabharat अध्याय 4.32: मत्स्य तथा त्रिगर्तदेशीय सेनाओंका परस्पर युद्ध । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बातचीत के बीच में ही, कई कटे हुए कुंडलों वाले सिर धूल में लोटने लगे। किसी की नाक बहुत सुंदर थी, परन्तु उसका ऊपरी होंठ कटा हुआ था। कोई आभूषणों से सुसज्जित था, परन्तु उसके बाल काटकर उड़ा दिए गए थे।
In the middle of the conversation, many heads with earrings cut off started rolling in the dust. Some had a very beautiful nose, but the upper lip was cut off. Someone was adorned with ornaments, but his hair had been cut off and blown away. 12 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥