श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 31: चारों पाण्डवोंसहित राजा विराटकी सेनाका युद्धके लिये प्रस्थान  »  श्लोक d6-d7h
 
 
श्लोक  4.31.d6-d7h 
ते हन्यमाना: संक्रुद्धास्त्रिगर्ता रथयोधिन:॥
विसृज्य शरवर्षाणि गोपान् व्यद्रावयन् रणे।)
 
 
अनुवाद
ग्वालों के आक्रमण से क्रोधित होकर रथों पर सवार त्रिगर्त सैनिकों ने ग्वालों पर बाणों की वर्षा करके उन्हें युद्धभूमि से भगाना प्रारम्भ कर दिया।
 
Enraged by the attack of the cowherds, the Trigarta soldiers fighting on chariots began to chase the cowherds away from the battlefield by showering arrows on them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)