राजन! उस समय गौओं के पैरों के चिह्नों को देखकर युद्ध के लिए तैयार विराट की विशाल सेना अत्यंत शोभायमान हो रही थी। वह सेना पैदल सैनिकों से भरी हुई थी, जिनके हाथों में शक्तिशाली अस्त्र-शस्त्र थे। साथ ही वह सेना हाथी, घोड़े और रथसवारों से भी भरी हुई थी।
King! At that time, seeing the footprints of the cows, the great army of Virata which was ready for the war was looking extremely beautiful. It was full of foot soldiers who had strong weapons in their hands. Along with that, the army was also full of elephants, horses and chariot riders. 35.
इति श्रीमहाभारते विराटपर्वणि गोहरणपर्वणि दक्षिणगोग्रहे मत्स्यराजरणोद्योगे एकत्रिंशोऽध्याय:॥ ३१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत विराटपर्वके अन्तर्गत गोहरणपर्वमें दक्षिण दिशाकी ओरसे गौओंके अपहरणके प्रसंगमें मत्स्यराजविराटके युद्धोद्योगसे सम्बद्ध इकतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३१॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके १३ श्लोक मिलाकर कुल ४८ श्लोक हैं।)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)