श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 31: चारों पाण्डवोंसहित राजा विराटकी सेनाका युद्धके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  4.31.21 
कङ्कबल्लवगोपाला दामग्रन्थिश्च वीर्यवान्।
युद्धॺेयुरिति मे बुद्धिर्वर्तते नात्र संशय:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
भैया! मैं तो ऐसा समझता हूँ कि कंक, बल्लव, तन्तिपाल और ग्रन्थिका भी युद्ध कर सकते हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है॥21॥
 
Brother! I think that Kanka, Ballava, Tantipal and Granthika can also fight, there is no doubt about it. ॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)