श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 31: चारों पाण्डवोंसहित राजा विराटकी सेनाका युद्धके लिये प्रस्थान  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  4.31.10 
रथनागाश्वकलिलां पत्तिध्वजसमाकुलाम्।
राजानो राजपुत्राश्च तनुत्राण्यथ भेजिरे॥ १०॥
 
 
अनुवाद
वह रथ, हाथी, घोड़े और पैदल सेना से भरी हुई थी - सब प्रकार के सैनिक और ध्वजाओं से आच्छादित सेना। राजा और राजकुमारों ने नाना प्रकार के कवच धारण किए हुए थे॥10॥
 
It was filled with chariots, elephants, horses and infantry – all kinds of soldiers and the army was covered with flags and banners. Then the king and the princes wore different types of armor.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)