श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 30: सुशर्माके प्रस्तावके अनुसार त्रिगर्तों और कौरवोंका मत्स्यदेशपर धावा  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.30.9 
आददामोऽस्य रत्नानि विविधानि वसूनि च।
ग्रामान् राष्ट्राणि वा तस्य हरिष्यामो विभागश:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
‘राजा विराट के पास अनेक प्रकार के रत्न और धन हैं। हम उन सबको ले लेंगे और उनके गाँव तथा सम्पूर्ण राष्ट्र को जीतकर आपस में बाँट लेंगे।॥9॥
 
‘King Virata has many kinds of gems and wealth. We will take them all and after conquering his village and the whole nation, we will divide it amongst ourselves.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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