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माल्यगन्धानलङ्कारान् वस्त्राणि विविधानि च।
एतान्येवाभिजानाति यतो जाता हि भामिनी॥ १७॥
अनुवाद
जब से यह भामिनी उत्पन्न हुई है, तब से इसने माला, सुगन्ध, अनेक प्रकार के आभूषण और अनेक प्रकार के वस्त्र ही जाने हैं। इसने कभी कोई दुःख नहीं पाया है॥17॥
Since the time this Bhaamini was born, she has known only garlands, perfumes, ornaments of many kinds and many kinds of clothes. She has never experienced any pain.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥