Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.3.11-12: हे राजन! मैं गायों के शुभ गुणों और गुणों को भली-भाँति जानता हूँ। उनके विषय में मैं और भी बहुत सी बातें जानता हूँ। हे राजन! इसके अतिरिक्त, मैं ऐसे बैलों को भी जानता हूँ जिनमें ऐसे गुण होते हैं कि उनके मूत्र की गंध मात्र से बांझ स्त्री भी गर्भवती हो जाती है। | mahabharat अध्याय 4.3: नकुल, सहदेव तथा द्रौपदीद्वारा अपने-अपने भावी कर्तव्योंका दिग्दर्शन । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! मैं गायों के शुभ गुणों और गुणों को भली-भाँति जानता हूँ। उनके विषय में मैं और भी बहुत सी बातें जानता हूँ। हे राजन! इसके अतिरिक्त, मैं ऐसे बैलों को भी जानता हूँ जिनमें ऐसे गुण होते हैं कि उनके मूत्र की गंध मात्र से बांझ स्त्री भी गर्भवती हो जाती है।
O King! I know very well the auspicious characteristics and character of cows. I know many other things about them. O King! Apart from this, I also know of bulls with such praiseworthy characteristics that even a barren woman can become pregnant by merely smelling their urine.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥