Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.29.11-12: ‘इन नीतियों* द्वारा तुम शत्रु पर आक्रमण करो, बल से दुर्बलों का दमन करो, मित्रता द्वारा मित्रों को अपनाओ तथा मीठी-मीठी बातें करके तथा वेतन आदि देकर सेना को अपने अनुकूल बनाओ। इस प्रकार उत्तम कोष और सेना की वृद्धि करके तुम उत्तम सफलता प्राप्त कर सकोगे॥11-12॥ | mahabharat अध्याय 4.29: कृपाचार्यकी सम्मति और दुर्योधनका निश्चय । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘इन नीतियों* द्वारा तुम शत्रु पर आक्रमण करो, बल से दुर्बलों का दमन करो, मित्रता द्वारा मित्रों को अपनाओ तथा मीठी-मीठी बातें करके तथा वेतन आदि देकर सेना को अपने अनुकूल बनाओ। इस प्रकार उत्तम कोष और सेना की वृद्धि करके तुम उत्तम सफलता प्राप्त कर सकोगे॥11-12॥
‘Through these policies* you should attack the enemy, suppress the weak with force, adopt friends through friendship and make the army favorable to you by sweet talk and giving salary etc. In this way, by increasing the good treasury and the army, you will be able to achieve good success.॥ 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥