रसा: स्पर्शाश्च गन्धाश्च शब्दाश्चापि गुणान्विता:।
दृश्यानि च प्रसन्नानि यत्र राजा युधिष्ठिर:॥ २४॥
अनुवाद
जहाँ राजा युधिष्ठिर होंगे, वहाँ रसना, स्पर्श, गंध और शब्द - ये सभी इन्द्रियाँ लाभदायक होंगी और मन को प्रसन्न करने वाले दृश्य देखने को मिलेंगे॥ 24॥
Wherever King Yudhishthira is, there all the senses - taste, touch, smell and sound - will be beneficial, and one will get to see scenes that please the mind.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥