Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.25.3: उसने विरोधी सेनाओं की अनेक सेनाओं का संहार किया था, परन्तु उसकी बुद्धि बड़ी दुष्ट थी। वह पापी और दुष्ट था, परस्त्री-बाण चलाता था; इसीलिए गंधर्वों ने उसे मार डाला। | mahabharat अध्याय 4.25: दुर्योधनके पास उसके गुप्तचरोंका आना और उनका पाण्डवोंके विषयमें कुछ पता न लगा, यह बताकर कीचकवधका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आसीत् प्रहर्ता सैन्यानां दारामर्शी च दुर्मति:।
स हत: खलु पापात्मा गन्धर्वैर्दुष्टपूरुष:॥ ३॥
अनुवाद
उसने विरोधी सेनाओं की अनेक सेनाओं का संहार किया था, परन्तु उसकी बुद्धि बड़ी दुष्ट थी। वह पापी और दुष्ट था, परस्त्री-बाण चलाता था; इसीलिए गंधर्वों ने उसे मार डाला।
He had killed many armies of the opposing forces, but his wisdom was very bad. He was a sinner and a wicked man who raped other women; that is why he was killed by the Gandharvas.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥