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mahabharat 4.25.15: हे मानवेन्द्र! हमने कुछ समय तक उनके सारथिओं का पीछा किया और भली-भाँति जाँच करने पर हमें सत्य बात ज्ञात हो गई॥15॥   |   mahabharat अध्याय 4.25: दुर्योधनके पास उसके गुप्तचरोंका आना और उनका पाण्डवोंके विषयमें कुछ पता न लगा, यह बताकर कीचकवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 25: दुर्योधनके पास उसके गुप्तचरोंका आना और उनका पाण्डवोंके विषयमें कुछ पता न लगा, यह बताकर कीचकवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  4.25.15 
किंचित्काले मनुष्येन्द्र सूतानामनुगा वयम्।
मृगयित्वा यथान्यायं वेदितार्था: स्म तत्त्वत:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
हे मानवेन्द्र! हमने कुछ समय तक उनके सारथिओं का पीछा किया और भली-भाँति जाँच करने पर हमें सत्य बात ज्ञात हो गई॥15॥
 
Manvendra! We followed their charioteers for some time and after thorough investigation we found out a true fact.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)