Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.25.12-13: महाराज! हमने उन्हें पर्वतों की ऊँची चोटियों पर, भिन्न-भिन्न देशों में, भीड़-भाड़ वाले स्थानों में तथा तराई के गाँवों, बाज़ारों और नगरों में भी बहुत खोजा, परन्तु पाण्डव हमें कहीं नहीं मिले। हे पुरुषश्रेष्ठ! आपका कल्याण हो। सम्भव है कि वे पूर्णतः नष्ट हो गए हों। ॥12-13॥ | mahabharat अध्याय 4.25: दुर्योधनके पास उसके गुप्तचरोंका आना और उनका पाण्डवोंके विषयमें कुछ पता न लगा, यह बताकर कीचकवधका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! हमने उन्हें पर्वतों की ऊँची चोटियों पर, भिन्न-भिन्न देशों में, भीड़-भाड़ वाले स्थानों में तथा तराई के गाँवों, बाज़ारों और नगरों में भी बहुत खोजा, परन्तु पाण्डव हमें कहीं नहीं मिले। हे पुरुषश्रेष्ठ! आपका कल्याण हो। सम्भव है कि वे पूर्णतः नष्ट हो गए हों। ॥12-13॥
Maharaj! We searched for them a lot on the highest peaks of the mountains, in different countries, in crowded places and also in the villages, markets and cities of the Terai, but we could not find the Pandavas anywhere. O best of men! May you be blessed. It is possible that they have been completely destroyed. ॥12-13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥