Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.25.1: हे मनुष्यों के स्वामी! जब कीचक अपने भाइयों सहित मारा गया, तब सब लोग इसे महान दुर्भाग्य अथवा साहस का कार्य समझकर अपने-अपने ढंग से आश्चर्यचकित हो गए॥1॥ | mahabharat अध्याय 4.25: दुर्योधनके पास उसके गुप्तचरोंका आना और उनका पाण्डवोंके विषयमें कुछ पता न लगा, यह बताकर कीचकवधका वृत्तान्त सुनाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मनुष्यों के स्वामी! जब कीचक अपने भाइयों सहित मारा गया, तब सब लोग इसे महान दुर्भाग्य अथवा साहस का कार्य समझकर अपने-अपने ढंग से आश्चर्यचकित हो गए॥1॥
O lord of men! When Keechak along with his brothers were killed, everybody considered this to be a great misfortune or an act of daring and were astonished in their own ways. ॥1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥