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mahabharat 4.23.9: तब उप-कीचक उसके पास गए और भयभीत और अचेत कमल-नेत्र कृष्ण को बलपूर्वक पकड़ लिया।   |   mahabharat अध्याय 4.23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.23.9 
तां समासाद्य वित्रस्तां कृष्णां कमललोचनाम्।
मोमुह्यमानां ते तत्र जगृहु: कीचका भृशम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
तब उप-कीचक उसके पास गए और भयभीत और अचेत कमल-नेत्र कृष्ण को बलपूर्वक पकड़ लिया।
 
Then the sub-Kichakas went to her and forcibly caught the frightened and unconscious lotus-eyed Krishna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)