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mahabharat 4.23.7: तत्पश्चात् उन्होंने विराट से कहा - 'इस सैरन्ध्री के कारण ही कीचक का वध हुआ था, अतः आज हम कीचक के शव के साथ ही इसका भी दाह संस्कार करना चाहते हैं, कृपया इसके लिए हमें अनुमति दें।'   |   mahabharat अध्याय 4.23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  4.23.7 
ततो विराटमूचुस्ते कीचकोऽस्या: कृते हत:।
सहानेनाद्य दह्येम तदनुज्ञातुमर्हसि॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उन्होंने विराट से कहा - 'इस सैरन्ध्री के कारण ही कीचक का वध हुआ था, अतः आज हम कीचक के शव के साथ ही इसका भी दाह संस्कार करना चाहते हैं, कृपया इसके लिए हमें अनुमति दें।'
 
Thereafter they said to Virata - 'Kichak was killed for this Sairandhri only, so today we want to cremate her along with the corpse of Keechak, please give us your permission for this.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)