Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.23.29: उस समय पांचाल राजकुमारी द्रौपदी अत्यंत दुःखी और दयनीय हो गई थी। उसके मुख से आँसू बह रहे थे। महाबली योद्धा महाबाहु वृकोदर ने उसे सांत्वना देते हुए कहा -॥29॥ | mahabharat अध्याय 4.23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उवाच च महाबाहु: पाञ्चालीं तत्र द्रौपदीम्।
अश्रुपूर्णमुखीं दीनां दुर्धर्ष: स वृकोदर:॥ २९॥
अनुवाद
उस समय पांचाल राजकुमारी द्रौपदी अत्यंत दुःखी और दयनीय हो गई थी। उसके मुख से आँसू बह रहे थे। महाबली योद्धा महाबाहु वृकोदर ने उसे सांत्वना देते हुए कहा -॥29॥
At that time, Panchala princess Draupadi had become very down and pitiful. Tears were flowing down her face. The fierce warrior Mahabahu Vrikodara consoled her and said -॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥