श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  4.23.28 
तत आश्वासयत् कृष्णां स विमुच्य विशाम्पते॥ २८॥
 
 
अनुवाद
महाराज ! तत्पश्चात् उन्होंने द्रौपदी को बंधन से मुक्त कर दिया और आश्वासन दिया ॥28॥
 
Maharaj! Thereafter he freed Draupadi from bondage and gave assurance. 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)