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mahabharat 4.23.24: जब समस्त सारथिपुत्रों ने सिंह के समान क्रोध में भरे हुए गन्धर्वरूपी भीमसेन को अपनी ओर आते देखा, तब वे भयभीत हो गए और शोक तथा भय से काँपते हुए कहने लगे-॥24॥   |   mahabharat अध्याय 4.23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  4.23.24 
तं सिंहमिव संक्रुद्धं दृष्ट्वा गन्धर्वमागतम्।
वित्रेसु: सर्वश: सूता विषादभयकम्पिता:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जब समस्त सारथिपुत्रों ने सिंह के समान क्रोध में भरे हुए गन्धर्वरूपी भीमसेन को अपनी ओर आते देखा, तब वे भयभीत हो गए और शोक तथा भय से काँपते हुए कहने लगे-॥24॥
 
When all the sons of charioteer saw Bhima in the form of a Gandharva, filled with anger like a lion, coming towards them, they became frightened and, trembling in grief and fear, began to say -॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)