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श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  4.23.20 
चितासमीपे गत्वा स तत्रापश्यद् वनस्पतिम्।
तालमात्रं महास्कन्धं मूर्धशुष्कं विशाम्पते॥ २०॥
 
 
अनुवाद
राजा! चिता के पास जाकर उसने वहाँ ताड़ के वृक्ष के समान एक विशाल वृक्ष देखा, जिसकी शाखाएँ बहुत लम्बी थीं और जो ऊपर से सूख गया था।
 
King! Going near the funeral pyre, he saw there a tree as big as a palm tree, whose branches were very long and which was dried up from the top.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)