Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.23.19: तत्पश्चात् भीमसेन भी उस महाश्मशान की ओर चल पड़े जहाँ उपकीचक गया था। परकोटे को पार करके भीमसेन उस महान नगर से निकलकर ऐसे वेग से चले कि सूतपुत्रों से पहले ही वहाँ पहुँच गए। 19॥ | mahabharat अध्याय 4.23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्मशानाभिमुख: प्रायाद् यत्र ते कीचका गता:।
स लङ्घयित्वा प्राकारं नि:सृत्य च पुरोत्तमात्।
जवेन पतितो भीम: सूतानामग्रतस्तदा॥ १९॥
अनुवाद
तत्पश्चात् भीमसेन भी उस महाश्मशान की ओर चल पड़े जहाँ उपकीचक गया था। परकोटे को पार करके भीमसेन उस महान नगर से निकलकर ऐसे वेग से चले कि सूतपुत्रों से पहले ही वहाँ पहुँच गए। 19॥
After that, Bhimsen also started walking in the direction of the cremation ground where Upkichak had gone. After crossing the boundary wall, Bhimsen left that great city and moved with such speed that he reached there before the sons of Suta. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥