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mahabharat 4.23.13-14: जिनके धनुष की डोरियाँ वज्र के समान भयंकर शब्द करती हैं और जिनके रथों की घरघराहट दूर-दूर तक फैलती है, वे वेगशाली गंधर्व मेरी व्यथा भरी वाणी को सुनें और समझें। ये पुत्र-पुत्रियाँ मुझे श्मशान ले जा रहे हैं॥13-14॥   |   mahabharat अध्याय 4.23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  4.23.13-14 
येषां ज्यातलनिर्घोषो विस्फूर्जितमिवाशने:।
व्यश्रूयत महायुद्धे भीमघोषस्तरस्विनाम्॥ १३॥
रथघोषश्च बलवान् गन्धर्वाणां तरस्विनाम्।
ते मे वाचं विजानन्तु सूतपुत्रा नयन्ति माम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
जिनके धनुष की डोरियाँ वज्र के समान भयंकर शब्द करती हैं और जिनके रथों की घरघराहट दूर-दूर तक फैलती है, वे वेगशाली गंधर्व मेरी व्यथा भरी वाणी को सुनें और समझें। ये पुत्र-पुत्रियाँ मुझे श्मशान ले जा रहे हैं॥13-14॥
 
Those swift Gandharvas, whose bows' strings make a terrifying sound like thunderbolts and whose chariots' whirring sound is loud and spreads far and wide, may they hear and understand my distressed voice. These sons and daughters are taking me to the cremation ground.॥13-14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)