Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.23.12: द्रौपदी बोली - जहाँ कहीं भी मेरे पति जय, जयंत, विजय, जयत्सेन और जयदबल हों, कृपया मेरी दुःख भरी वाणी सुनें और समझें। ये सारथि पुत्र मुझे श्मशान ले जा रहे हैं॥ 12॥ | mahabharat अध्याय 4.23: उपकीचकोंका सैरन्ध्रीको बाँधकर श्मशानभूमिमें ले जाना और भीमसेनका उन सबको मारकर सैरन्ध्रीको छुड़ाना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रौपद्युवाच
जयो जयन्तो विजयो जयत्सेनो जयद्बल:।
ते मे वाचं विजानन्तु सूतपुत्रा नयन्ति माम्॥ १२॥
अनुवाद
द्रौपदी बोली - जहाँ कहीं भी मेरे पति जय, जयंत, विजय, जयत्सेन और जयदबल हों, कृपया मेरी दुःख भरी वाणी सुनें और समझें। ये सारथि पुत्र मुझे श्मशान ले जा रहे हैं॥ 12॥
Draupadi said - Wherever my husbands Jai, Jayant, Vijay, Jayatsen and Jayadbal are, please hear and understand my sorrowful voice. These sons of charioteer are taking me to the cremation ground.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥