श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  4.22.91 
तच्छ्रुत्वा भाषितं तस्या नर्तनागाररक्षिण:।
सहसैव समाजग्मुरादायोल्का: सहस्रश:॥ ९१॥
 
 
अनुवाद
उनकी बातें सुनकर नृत्यशाला के हजारों रक्षक हाथों में मशालें लेकर अचानक आ पहुंचे।
 
On hearing his words, thousands of guards of the dance hall suddenly arrived with torches in their hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)