vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 4: विराट पर्व
»
अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध
»
श्लोक 91
श्लोक
4.22.91
तच्छ्रुत्वा भाषितं तस्या नर्तनागाररक्षिण:।
सहसैव समाजग्मुरादायोल्का: सहस्रश:॥ ९१॥
अनुवाद
उनकी बातें सुनकर नृत्यशाला के हजारों रक्षक हाथों में मशालें लेकर अचानक आ पहुंचे।
On hearing his words, thousands of guards of the dance hall suddenly arrived with torches in their hands.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×