श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.22.9 
प्रवादेनेह मत्स्यानां राजा नाम्नायमुच्यते।
अहमेव हि मत्स्यानां राजा वै वाहिनीपति:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
‘राजा विराट मत्स्यदेश के राजा केवल नाम मात्र के हैं। वास्तव में मैं ही यहाँ का राजा हूँ; क्योंकि मैं सेना का स्वामी हूँ॥9॥
 
‘King Virata is the king of Matsyadesh in name only. In reality I am the king here; because I am the master of the army.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)