श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  4.22.86 
ततोऽग्निं तत्र प्रज्वाल्य दर्शयित्वा तु कीचकम्।
पाञ्चालीं स तदा वीर इदं वचनमब्रवीत्॥ ८६॥
 
 
अनुवाद
फिर उसने वहाँ अग्नि जलाकर कीचक का शव दिखाया। उस समय वीर भीम ने पांचाली से यह कहा-॥86॥
 
Then he lit a fire there and showed the corpse of Keechak. At that time the brave Bhima said this to Panchali -॥ 86॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)