श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  4.22.8 
सभायां पश्यतो राज्ञ: पातयित्वा पदाहनम्।
न चैवालभसे त्राणमभिपन्ना बलीयसा॥ ८॥
 
 
अनुवाद
'सैरंध्री! मैंने तुझे तेरे महाराज के सामने ही राज दरबार में लात मारकर ज़मीन पर पटक दिया। तू मुझ जैसे महाबलशाली पुरुष के हाथों में पड़ गई है; तुझे कोई नहीं बचा सकता।
 
‘Sairandhree! I kicked you in the royal court in front of your Maharaja and threw you down on the ground. You have fallen into the hands of a very powerful man like me; no one can save you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)