श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  4.22.69 
तलाभ्यां स तु भीमेन वक्षस्यभिहतो बली।
कीचको रोषसंतप्त: पदान्न चलित: पदम्॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
इसी बीच भीम ने दोनों हथेलियों से कीचक की छाती पर प्रहार किया। प्रहार से बलवान कीचक क्रोधित हो उठा, किन्तु अपनी जगह से एक कदम भी नहीं हिला।
 
Meanwhile Bhima struck Keechak on his chest with both his palms. The powerful Keechak was infuriated after being hit, but did not move even a step from his place.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)