श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  4.22.66 
पातितो भुवि भीमस्तु कीचकेन बलीयसा।
उत्पपाताथ वेगेन दण्डपाणिरिवान्तक:॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार अत्यन्त शक्तिशाली कीचक द्वारा भूमि पर गिराये जाने पर भीमसेन हाथ में दंड लेकर यमराज के समान उछलकर खड़े हो गये।
 
Thus thrown to the ground by the very powerful Kichaka, Bhimasena leapt to his feet like Yamaraja holding a stick in his hand.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)