श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  4.22.62 
तयोर्भुजविनिष्पेषादुभयोर्बलिनोस्तदा।
शब्द: समभवद् घोरो वेणुस्फोटसमो युधि॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
उस समय उस युद्ध में उन दोनों बलवान योद्धाओं की भुजाओं के घर्षण से बाँस के टूटने के समान भयंकर ध्वनि होने लगी।
 
At that time, due to the friction between the arms of those two strong warriors in that battle, a terrible sound like that of a bamboo breaking started coming. 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)