श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  4.22.49 
वैशम्पायन उवाच
इत्युक्त्वा तं महाबाहुर्भीमो भीमपराक्रम:।
सहसोत्पत्य कौन्तेय: प्रहस्येदमुवाच ह॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायनजी कहते हैं - हे राजन! महाबली कुन्तीपुत्र कीचक से ऐसा कहकर महाबली भीमसेन सहसा उछल पड़े और हँसते हुए इस प्रकार बोले -॥49॥
 
Vaishmpayana says: O King! Having said this to Keechak, the fiercely powerful son of Kunti, the powerful Bhimasena suddenly jumped up and laughingly spoke thus:॥ 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)