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श्री महाभारत
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पर्व 4: विराट पर्व
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अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध
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श्लोक 36
श्लोक
4.22.36
भीमसेन उवाच
एवमेतत् करिष्यामि यथा त्वं भीरु भाषसे।
अद्य तं सूदयिष्यामि कीचकं सह बान्धवै:॥ ३६॥
अनुवाद
भीमसेन बोले - ठीक है भीरु! जैसा तुम कहोगे वैसा ही करूँगा। आज मैं उस कीचक को उसके भाइयों सहित मार डालूँगा।
Bhimsen said - All right, Bhiru! I will do as you say. Today I will kill that Keechak along with his brothers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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