vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 4: विराट पर्व
»
अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध
»
श्लोक 3
श्लोक
4.22.3
यैषा नर्तनशालेह मत्स्यराजेन कारिता।
दिवात्र कन्या नृत्यन्ति रात्रौ यान्ति यथागृहम्॥ ३॥
अनुवाद
मछलियों के राजा विराट द्वारा यहां बनाए गए नृत्य हॉल में लड़कियां दिन में नृत्य करती हैं और रात में अपने घर वापस चली जाती हैं।
In the dance hall built here by the king of the fishes Virat the girls dance during the day and go back to their homes at night.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×