श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  4.22.26 
शून्यं स नर्तनागारमागमिष्यति कीचक:।
एको निशि महाबाहो कीचकं तं निषूदय॥ २६॥
 
 
अनुवाद
'इसलिए, हे महाबाहु! कीचक रात्रि के समय उस निर्जन नृत्यशाला में अकेला आएगा। तुम उसे वहीं मार डालो।'
 
‘Therefore, O mighty-armed one! Keechak will come alone to that deserted dance hall at night. You must kill him there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)