श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  4.22.14 
कीचक उवाच
एवमेतत् करिष्यामि यथा सुश्रोणि भाषसे।
एको भद्रे गमिष्यामि शून्यमावसथं तव॥ १४॥
 
 
अनुवाद
कीचक बोला- ठीक है। सुश्रोणि! आप जैसा कहेंगी, वैसा ही मैं करूँगा। भद्रे! मैं अकेला ही आपके सूने घर में जाऊँगा॥14॥
 
Keechak said- All right. Sushroni! I will do as you say. Bhadre! I will go alone to your empty house.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)