श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 22: कीचक और भीमसेनका युद्ध तथा कीचकवध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  4.22.1 
भीमसेन उवाच
तथा भद्रे करिष्यामि यथा त्वं भीरु भाषसे।
अद्य तं सूदयिष्यामि कीचकं सहबान्धवम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन बोले- भद्रे! मैं जैसा कहूँगा वैसा ही करूँगा। कायर! आज मैं कीचक को उसके भाइयों सहित मार डालूँगा॥1॥
 
Bhimsen said - Bhadre! I will do as you say. Coward! Today I will kill Keechak along with his brothers.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)