श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 20: द्रौपदीद्वारा भीमसेनसे अपना दु:ख निवेदन करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  4.20.11 
महिषी पाण्डुपुत्राणां दुहिता द्रुपदस्य च।
इमामवस्थां सम्प्राप्ता मदन्या का जिजीविषेत्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
मैं पाण्डवों की रानी और द्रुपद की पुत्री होकर भी ऐसी दयनीय अवस्था में हूँ। मेरे अतिरिक्त और कौन स्त्री ऐसी दशा में रहना चाहेगी?॥11॥
 
Even though I am the queen of the Pandavas and the daughter of Drupada, I am in such a pitiable condition. Which woman other than me would want to live in such a condition?॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)