Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 4.2.7: और यदि कोई पहलवान सार्वजनिक रूप से युद्ध करना चाहे, तो मैं राजा का प्रेम बढ़ाने के लिए उससे भी युद्ध करूँगा ॥7॥   |   mahabharat अध्याय 4.2: भीमसेन और अर्जुनद्वारा विराटनगरमें किये जानेवाले अपने अनुकूल कार्योंका निर्देश   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 2: भीमसेन और अर्जुनद्वारा विराटनगरमें किये जानेवाले अपने अनुकूल कार्योंका निर्देश  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  4.2.7 
ये च केचिन्नियोत्स्यन्ति समाजेषु नियोधका:।
तानहं हि नियोत्स्यामि रतिं तस्य विवर्धयन्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
और यदि कोई पहलवान सार्वजनिक रूप से युद्ध करना चाहे, तो मैं राजा का प्रेम बढ़ाने के लिए उससे भी युद्ध करूँगा ॥7॥
 
And if any wrestler wishes to fight in public, I will fight him too, to increase the love of the King. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)