Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 4.19.2: भरतर्षभ! तुम रसोइये के नीच कार्य में लगे हो, जो तुम्हारे लिए सर्वथा अयोग्य है और तुम अपने को बल्लव जाति का कहते हो। तुम्हें इस अवस्था में देखकर कौन दुःखी नहीं होगा?   |   mahabharat अध्याय 4.19: पाण्डवोंके दु:खसे दु:खित द्रौपदीका भीमसेनके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवोंके दु:खसे दु:खित द्रौपदीका भीमसेनके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  4.19.2 
सूदकर्मणि हीने त्वमसमे भरतर्षभ।
ब्रुवन् बल्लवजातीय: कस्य शोकं न वर्धये:॥ २॥
 
 
अनुवाद
भरतर्षभ! तुम रसोइये के नीच कार्य में लगे हो, जो तुम्हारे लिए सर्वथा अयोग्य है और तुम अपने को बल्लव जाति का कहते हो। तुम्हें इस अवस्था में देखकर कौन दुःखी नहीं होगा?
 
Bharatarshbha! You are engaged in the lowly work of a cook who is completely unfit for you and you call yourself a person of 'Ballava' caste. Who would not be saddened to see you in this state? 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)