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mahabharat 4.19.19: जिनके मस्तक पर सूर्य के समान तेजस्वी मुकुट सुशोभित था, वे सिर पर शिखा धारण करने के कारण अपनी शोभा खो बैठे हैं॥19॥   |   mahabharat अध्याय 4.19: पाण्डवोंके दु:खसे दु:खित द्रौपदीका भीमसेनके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.19.19 
किरीटं सूर्यसंकाशं यस्य मूर्द्धन्यशोभत।
वेणीविकृतकेशान्त: सोऽयमद्य धनंजय:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
जिनके मस्तक पर सूर्य के समान तेजस्वी मुकुट सुशोभित था, वे सिर पर शिखा धारण करने के कारण अपनी शोभा खो बैठे हैं॥19॥
 
Arjuna, whose forehead was adorned with a crown as bright as the Sun, has lost its beauty because of wearing a tuft on his head.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)