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mahabharat 4.19.10: स्त्रियों के हृदय को समझना बड़ा कठिन है, परन्तु मुझे यह जोड़ा अच्छा लग रहा है। जब रसोइये को हाथी से लड़ने के लिए कहा जाता है, तब सैरन्ध्री (अत्यन्त नम्र होकर) सदैव करुणामयी वाणी बोलने लगती है।॥10॥   |   mahabharat अध्याय 4.19: पाण्डवोंके दु:खसे दु:खित द्रौपदीका भीमसेनके सम्मुख विलाप   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 19: पाण्डवोंके दु:खसे दु:खित द्रौपदीका भीमसेनके सम्मुख विलाप  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  4.19.10 
स्त्रीणां चित्तं च दुर्ज्ञेयं युक्तरूपौ च मे मतौ।
सैरन्ध्री प्रियसंवासान्नित्यं करुणवादिनी॥ १०॥
 
 
अनुवाद
स्त्रियों के हृदय को समझना बड़ा कठिन है, परन्तु मुझे यह जोड़ा अच्छा लग रहा है। जब रसोइये को हाथी से लड़ने के लिए कहा जाता है, तब सैरन्ध्री (अत्यन्त नम्र होकर) सदैव करुणामयी वाणी बोलने लगती है।॥10॥
 
‘It is very difficult to understand the hearts of women, but I find this couple to be a good match. Owing to her love for him, when the cook is asked to fight an elephant, Sairandhri (becoming very meek) always starts speaking compassionate words.॥ 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)