Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.18.15: वही महाराजा, जिनके पीछे यात्रा करते समय दस हजार हाथी और हजारों घोड़े स्वर्ण मालाएं धारण किए हुए चलते थे, यहां जुआ खेलकर अपनी जीविका चलाते हैं। | mahabharat अध्याय 4.18: द्रौपदीका भीमसेनके प्रति अपने दु:खके उद्गार प्रकट करना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दश नागसहस्राणि हयानां हेममालिनाम्।
यं यान्तमनुयान्तीह सोऽयं द्यूतेन जीवति॥ १५॥
अनुवाद
वही महाराजा, जिनके पीछे यात्रा करते समय दस हजार हाथी और हजारों घोड़े स्वर्ण मालाएं धारण किए हुए चलते थे, यहां जुआ खेलकर अपनी जीविका चलाते हैं।
The same Maharaja who, while travelling, was followed by ten thousand elephants and thousands of horses wearing golden garlands, earns his living here through gambling.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥