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mahabharat 4.16.d86-d87: मेकल, त्रिगर्त, दशार्ण, वर्टेक्स, मालव, यवन, पुलिन्द, काशी, कोसल, अंग, वंगा, कलिंग, तंगण, परतंगन, मालदा, निषध, टुंडिकर, कोंकण, कराड, निशबंधी, शिव, दुष्चिल्लिक और विभिन्न अन्य जनपदों के कई बहादुर राजा कीचक द्वारा युद्ध के मैदान में हार गए और सभी दिशाओं में भाग गए।   |   mahabharat अध्याय 4.16: कीचकद्वारा द्रौपदीका अपमान   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 16: कीचकद्वारा द्रौपदीका अपमान  »  श्लोक d86-d87
 
 
श्लोक  4.16.d86-d87 
मेखलांश्च त्रिगर्तांश्च दशार्णांश्च कशेरुकान्।
मालवान् यवनांश्चैव पुलिन्दान् काशिकोसलान्।
अङ्गान् वङ्गान् कलिङ्गांश्च तङ्गणान् परतङ्गणान्।
मलदान् निषधांश्चैव तुण्डिकेरांश्च कोङ्कणान्॥
करदांश्च निषिद्धांश्च शिवान् दुश्छिल्लिकांस्तथा।
अन्ये च बहव: शूरा: नानाजनपदेश्वरा:।
कीचकेन रणे भग्ना व्यद्रवन्त दिशो दश॥
 
 
अनुवाद
मेकल, त्रिगर्त, दशार्ण, वर्टेक्स, मालव, यवन, पुलिन्द, काशी, कोसल, अंग, वंगा, कलिंग, तंगण, परतंगन, मालदा, निषध, टुंडिकर, कोंकण, कराड, निशबंधी, शिव, दुष्चिल्लिक और विभिन्न अन्य जनपदों के कई बहादुर राजा कीचक द्वारा युद्ध के मैदान में हार गए और सभी दिशाओं में भाग गए।
 
Several valiant kings of Mekal, Trigarta, Dasharna, Vertex, Malava, Yavana, Pulinda, Kashi, Kosala, Ang, Vanga, Kalinga, Tangana, Paratangana, Malada, Nishadha, Tundiker, Konkan, Karad, Nishbandhi, Shiva, Dushchillik and various other janapadas were defeated by Keechak on the battlefield and fled in all directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)