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mahabharat 4.16.9: इस प्रकार पकड़े जाने पर द्रौपदी ने कीचक को भूमि पर पटक दिया और भय से काँपती हुई दौड़कर राजसभा में शरण ली, जहाँ राजा युधिष्ठिर उपस्थित थे।   |   mahabharat अध्याय 4.16: कीचकद्वारा द्रौपदीका अपमान   ।   mahabharat पर्व 4: विराट पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 16: कीचकद्वारा द्रौपदीका अपमान  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.16.9 
सा गृहीता विधुन्वाना भूमावाक्षिप्य कीचकम्।
सभां शरणमागच्छद् यत्र राजा युधिष्ठिर:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार पकड़े जाने पर द्रौपदी ने कीचक को भूमि पर पटक दिया और भय से काँपती हुई दौड़कर राजसभा में शरण ली, जहाँ राजा युधिष्ठिर उपस्थित थे।
 
Having thus been caught, Draupadi, after throwing Keechak on the ground, trembling with fear, ran and took refuge in the royal court, where King Yudhishthira was present.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)