श्री महाभारत  »  पर्व 4: विराट पर्व  »  अध्याय 16: कीचकद्वारा द्रौपदीका अपमान  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  4.16.48 
सुदेष्णोवाच
कस्त्वावधीद् वरारोहे कस्माद् रोदिषि शोभने।
कस्याद्य न सुखं भद्रे केन ते विप्रियं कृतम्॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
सुदेष्णा ने पूछा - वररोहे! तुम्हें किसने मारा है? शोभने! तुम क्यों रो रही हो? भद्रे! आज किसका सुख नष्ट हो गया? किसने तुम्हारे साथ अन्याय किया है?48.
 
Sudeshna asked - Vararohe! Who has struck you? Shobhane! Why are you crying? Bhadre! Whose happiness has ended today? Who has wronged you?48.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)