vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 4: विराट पर्व
»
अध्याय 16: कीचकद्वारा द्रौपदीका अपमान
»
श्लोक 29
श्लोक
4.16.29
क्व नु तेषाममर्षश्च वीर्यं तेजश्च वर्तते।
न परीप्सन्ति ये भार्यां वध्यमानां दुरात्मना॥ २९॥
अनुवाद
जो लोग दुष्टात्मा द्वारा आक्रमण किये जाने पर अपनी पत्नी की रक्षा नहीं करते, उनका क्रोध, पराक्रम और तेज कहाँ है?॥29॥
‘Where is the anger, valour and brilliance of those who do not protect their wives when they are being attacked by an evil soul?॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×