Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.15.d3: यह बात उसने मुझे उसी समय बता दी थी जब मैं उससे पहली बार मिली थी। इसी तरह, हाथी की सूंड जैसी जांघों वाली इस सुंदरी ने मुझे सच बताया है कि अगर कोई मेरा अपमान करेगा, तो मेरे महापुरुष क्रोधित होकर उसका जीवन नष्ट कर देंगे। | mahabharat अध्याय 4.15: रानी सुदेष्णाका द्रौपदीको कीचकके घर भेजना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमेषा ममाचष्टे तथा प्रथमसंगमे।
तथैव गजनासोरु: सत्यमाह ममान्तिके॥
ते हि क्रुद्धा महात्मानो नाशयेयुर्हि जीवितम्।
अनुवाद
यह बात उसने मुझे उसी समय बता दी थी जब मैं उससे पहली बार मिली थी। इसी तरह, हाथी की सूंड जैसी जांघों वाली इस सुंदरी ने मुझे सच बताया है कि अगर कोई मेरा अपमान करेगा, तो मेरे महापुरुष क्रोधित होकर उसका जीवन नष्ट कर देंगे।
She had told me this the moment I first met her. Similarly, this beautiful lady with thighs like an elephant's trunk has told me the truth that if anyone insults me, my great husband will get angry and destroy his life.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥