Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.15.d10: इसलिए, यदि तुम्हें अपने जीवन से प्रेम है और यदि तुम मुझसे भी प्रेम करना चाहते हो, तो इस सैरंध्री पर ध्यान मत दो। उसके बारे में सोचना बंद करो और उसके पास कभी मत जाओ। | mahabharat अध्याय 4.15: रानी सुदेष्णाका द्रौपदीको कीचकके घर भेजना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्मान्नास्यां मन: कर्तुं यदि प्राणा: प्रियास्तव।
मा चिन्तयेथा मा गास्त्वं मत्प्रियं च यदीच्छसि॥
अनुवाद
इसलिए, यदि तुम्हें अपने जीवन से प्रेम है और यदि तुम मुझसे भी प्रेम करना चाहते हो, तो इस सैरंध्री पर ध्यान मत दो। उसके बारे में सोचना बंद करो और उसके पास कभी मत जाओ।
Therefore, if you love your life and if you want to love me also, then do not concentrate on this Sairandhri. Stop thinking about her and never go to her.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥