Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 4.15.16: सुदेष्णा बोली - "शुभ! मैंने तुम्हें यहाँ से भेजा है, इसलिए वह तुम्हें कभी कष्ट नहीं देगा।" यह कहकर सुदेष्णा ने द्रौपदी के हाथ में एक ढक्कन सहित स्वर्ण पात्र दिया। | mahabharat अध्याय 4.15: रानी सुदेष्णाका द्रौपदीको कीचकके घर भेजना । mahabharat पर्व 4: विराट पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुदेष्णा बोली - "शुभ! मैंने तुम्हें यहाँ से भेजा है, इसलिए वह तुम्हें कभी कष्ट नहीं देगा।" यह कहकर सुदेष्णा ने द्रौपदी के हाथ में एक ढक्कन सहित स्वर्ण पात्र दिया।
Sudeshna said - Shubh! I have sent you from here, so he will never trouble you. Saying this, Sudeshna gave a golden vessel with a lid in Draupadi's hand.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥